
शरण तेरी आया है दास घबराया है श्याम
शरण तेरी आया है,
दास घबराया है,
करदे दया तू बाबा श्याम,
यहां बनते है बिगड़े काम,
तर्ज – राधिका गोरी से।
तेरे ही भरोसे,
बाबा मेरा परिवार है,
थाम ले आकर बाबा,
अब सम्भले ना पतवार है,
डूब ना जाऊ,
मैं कही, मैं कही,
बाबा मजधार में,
श्याम नाम की धुन में,
जो मतवाला हो जाए,
छोड़ जगत की माया,
वो श्याम नाम ही गाए,
श्याम भी छोड़े,
ना उसे, ना उसे,
अब तो मझधार में,
श्याम नाम की सेवा,
का पार ना पाया जाए,
‘अभिषेक’ कहे कलयुग में,
जो श्याम नाम को गाए,
बाल भी बांका,
होए ना, होए ना,
उसका संसार में,
गायक / प्रेषक – अभिषेक शर्मा।
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