
शर्म से मरगी रे भोला,
थारा लांबा लांबा केश,
लांबा लांबा केश थारा,
लांबा लांबा केश,
शरम से मरगी रे भोला,
डाढ़ी न कटाऊं थारी,
जटा न कटाऊं,
दुर गंगा न हटाऊ,
दूर चंदा ने हटाऊ,
छोड़ दे भांग का गोला,
शुक्र सनीचर संग में आया,
देख देख मेरा जी घबराया,
संग में भूता का टोला,
सखी सहेलियां संग में आई,
ना जाने मन काईं काईं केहली,
छोड़ दे भस्मा का चोला,
बीरबल तेरा भजन बनाया,
धर्मचंद नामा ने गाया,
संग में निर्मल साउंड रे,
गायक - मुकेश कुमावत।
(निर्मल साउंड)
धर्मचन्द नामा(सांगानेर)
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