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शिव महिमा भजन लिरिक्स + वीडियो

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॥ श्री ॥

शिव नाम से है, जगत में उजाला ।

हरी भक्तो के है, मन में शिवाला ॥

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू ।

श्रद्धा सुमन मेरा, मन बेलपत्री,

जीवन भी अर्पण कर दूँ ॥

जग का स्वामी है तू, अंतरयामी है तू,

मेरे जीवन की, अनमिट कहानी है तू ।

तेरी शक्ति अपार, तेरा पावन है द्वार,

तेरी पूजा ही, मेरा जीवन आधार ।

धुल तेरे चरणों की ले कर, जीवन को साकार किया ॥

॥ हे शम्भू बाबा…॥

मन में है कामना, कुछ मैं और जानू ना,

ज़िन्दगी भर करू, तेरी आराधना।

सुख की पहचान दे, तू मुझे ज्ञान दे,

प्रेम सब से करूँ,ऐसा वरदान दे ।

तुने दिया बल निर्बल को, अज्ञानी को ज्ञान दिया ॥

हे भोले शंकर पधारो हे भोले शम्भू पधारो

बैठे छिप के कहाँ जटा धारी पधारो

बैठे छिप के कहाँ, गंगा जटा में तुम्हारी

गंगा जटा में तुम्हारी, हम प्यासे यहाँ॥

महा सती के पति मेरी सुनो वंदना ।

हे भोले शंकर पधारो बैठे छिप के कहाँ

आओ मुक्ति के दाता पड़ा संकट यहाँ॥

महा सती के पति बोलो छुपे हो कहाँ हे॥

भोले शंकर पधारो॥

बगीरथ को गंगा प्रभु तुमने दी थी,

सगर जी के पुत्रों को मुक्ति मिली थी ।

इच्छा तुम्हारी बिना कुछ भी नहीं होता॥

हे भोले शम्भू पधारो हे गौरी शंकर पधारो

किस ने रोके वहां,आयो भसम रमयिया

सब को तज के यहाँ सब को तज के यहाँ॥

मेरी तपस्या का फल चाहे लेलो,

गंगा जल अब अपने भक्तो को दे दो ।

प्राण पखेरू कहीं प्यासा उड़ जाए ना,

कोई तेरी करुना पे उंगली उठाए ना॥

भिक्षा मैं मांगू जन कल्याण की,

इच्छा करो पूरी गंगा स्नान की॥

अब ना देर करो, आके कष्ट हरो,

मेरी बात रख लो, मेरी लाज रख लो॥

हे भोले गंगधर पधारो, हे भोले विषधर पधारो,

डोरी टूट जाए ना, मेरा जग में नहीं कोई

तेरे बिना मेरा जग में नहीं कोई तेरे बिना॥

नंदी की सौगंध तुमे, वास्ता कैलाश का,

बुझ ना देना दीया मेरे विशवास का ।

पूरी यदि आज ना हुई मनोकामना,

फिर दीनबंधू होगा तेरा नाम ना ।

भोले नाथ पधारो, उमा नाथ पधारो

तुमने तारा जहां,आओ महा सन्यासी

अब तो आ जाओ ना आओ महा सन्यासी अब तो आ जाओ ना॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम,

कर ले बन्दे यह शुभ काम ।

शिव आयेंगे तेरे काम ॥

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय…

खुद को राख लपेटे फिरते,

औरों को देते धन धाम ।

देवो के हित विष पी डाला,

नीलकंठ को कोटि प्रणाम ॥

॥ सुबह सुबह ले शिव…॥

शिव के चरणों में मिलते है,

सारी तीरथ चारो धाम ।

करनी का सुख तेरे हाथों,

शिव के हाथों में परिणाम ॥

शिव के रहते कैसी चिंता,

साथ रहे प्रभु आठों याम ।

शिव को भजले सुख पायेगा,

मन को आएगा आराम ॥

मिलता है सच्चा सुख केवल ,

शिवजी तुम्हारे चरणों में .

यह बिनती है पलछिन छिनकी ,

रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में .

चाहे बैरी सब संसार बने ,

चाहे जीवन मुझ पर भर बने .

चाहे मौत गले का हार बने ,

चाहे अग्नि में मुझे जलना हो ,

चाहे काँटों पे मुझे चलना हो .

चाहे छोड़ के देश निकलना हो ,

मिलता है सच सुख केवल ,

चाहे संकट ने मुझे घेरा हो ,

चाहे चारो और अँधेरा हो .

पर मन नहीं डगमग मेरा हो ,

जिव्हा पर तेरा नाम रहे ,

तेरा ध्यान सुबह और श्याम रहे .

तेरी याद तो आंठो याम रहे ,

ओम नम शिवाय

शिव शंकर

का गुनगन करो

शिव भक्ति का

रसपान करो

जीवन ज्योतिर्मय

हो जाय ज्योतिर्लिंगो का

ध्यान करो

का गुनगान करो

ओम नमः

शिव शिव

उसने ही जगत बनया है

कान कान में वही समाने हैं

दुक्ख सुख सुख हर लेगा

सर बराबर जब शिव का है

बोलो हर हर हर महादेव

हर मुशकिल को आसन करो

शिव शंकर का गुनगन करो

शंकर से है अन्तर्यामी

भक्तो के लइया सखा से है

शंकर तोहि अन्तर्यामी

भगवन् भवे के भुझे

भगवन् प्रेम के पीसे हैं

मन के मंदिर में इसीलिए

शिव मंदिर का निर्मण करो

ओम नमः शिवाय नमः शिवाय

शिव भक्ति का रसपान करो

जीवन ज्योतिर्मय हो जाए

ज्योतिर्लिंगो का ध्यान करो

सारे गाओं से दूध माँगा कर

पिंडी को नहला दो

भोले को नहला दो

मेरे शंकर को नहला दो

आया बाबा का त्यौहार आया

शिव रात्रि का त्यौहार आया

महा रात्रि शिव रात्रि की महिमा

जो नर नारी गावे

व्रत पूजा परिवार सहित कार

साखल परार्थ पावे

धुप दीप बेल पत्र से

बाबा को सांवरो

शंकर जटा जूट गंगाधर

हे गौरीश पुकारो

भोले दया के सागर अपनी

पूरे कर दे सपने

तन मन सब अर्पित तुम कर दो

प्राण दिए है उसने

सुबह शाम बाबा दर आकर

मन मन्दिर सांवरो

श्रद्धा पूर्वक भक्ति भानव से

शंकर को पुकारो

शिवनाथ तेरी महिमा आ आ, शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये, नाचे धरा गगन तो आ आ,

नाचे धरा गगन तो, झूमें दसो दिशाएँ,

शिव नाथ तेरी महिमा, जब तीन लोक गाये।।

तू देव सबसे न्यारा, तुझको नमन हमारा,

लाये है तेरे द्वारे, दर्शन की कामनाये,

शिव नाथ तेरी महिमा, शिवनाथ तेरी महिमा,

पंछी पवन सुनाएँ, नाचे धरा गगन तो,

झूमें दसो दिशाएँ शिव नाथ तेरी महिमा, जब तीन लोक गाये।।

मस्तक पे चन्द्र आधा, है रूप तेरा साधा,

आयी है गंग धारा, लेकर तेरी जताएं

शिव नाथ तेरी महिमा शिव नाथ तेरी महिमा,

तारें गगन के गाये, नाचे धरा गगन तो,

है प्रेम की सुधा भी, है रूपचंद्रिका भी,

हो नील कंठ वाले, कैसे तुझे रिझाये,

शिवनाथ तेरी महिमा, तारें गगन के गाये,

शिव नाथ तेरी महिमा आ आ, शिव नाथ तेरी महिमा,

मैं तो शिव की पुजारन बनूँगी, अपने भोले की जोगन बनूँगी,

मैं तो पहनुँगी जोगन का चोला, वो है पारस महादेव भोला,

चरण छु कर मैं कुंदन बनूँगी, अपने भोले की जोगन बनूँगी,

मैं तो शिव की पुजारन बनूँगी।।

नही मिलते है अनुरागियों को, शिव तो मिलते है बैरागियो को,

मैं भी उनकी बैरगान बनूँगी, अपने भोले की जोगन बनूँगी,

करके जी जान से उसकी भक्ति, शिव से माँगूंगी नारी की मुक्ति,

नारी जाती का दर्पण बनूँगी, अपने भोले की जोगन बनूँगी,

प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला,

तेरे नाम की मैं जपूं रोज माला ।

अब तो मनोकामना है यह मेरी,

जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला ॥

कहीं और क्यूँ ढूँढने तुझ को जाऊं,

प्रभु मन के भीतर ही मैं तुझ को पाऊं ।

यह मन का शिवाला हो सब से निराला,

भक्ति पे है अपनी विशवास मुझ को,

बनाएगा चरणों का तू दास मुझ को ।

मैं तुझ से जुदा अब नहीं रहने वाला,

तू दर्पण सा उजला मेरे मन को करदे,

तू अपना उजाला मेरे मन में भरदे ।

हैं चारो दिशाओं में तेरा उजाला,

हर हर गंगे महादेव

शिव शंकर की जय बोलो जय बोलो

शिव शंकर की जय बोलो

हर हर गंगे हर हर गंगे

हर हर हर जय महादेव

शिव शंकर बेडा पर करो

हम भक्तो का उद्धार करो

सब कष्ट कलेश मिटे मन के

भोले बाबा उपकार करो

कृपा कर दो हे शिव शंकर

दुखड़े हर लो हे शिव शंकर

हम सब पापी संसारी हैं

पर दाता तेरे पुजारी हैं

जय काशी देव जय महादेव

जय शिव शंकर जय कैलाशी

हे महादेव हे उमापति

है गंगाधर हे नटराजन

हम पर भी दया दर्ष्टि करदो

हो सफल हमारा भी जीवन

हमको अपने दर्शन देकर

मन के सपने साकार करो

है नील गगन में तु हि तू

वन में उपवन में तु हि तू

कण कण में तेरा डेरा है

तेरा हर और बसेरा है

हे वैरागि हे संन्यासी

हे नागेश्वर हे भण्डारी

हम भक्त जनों के जीवन पर

उपकार करो हे उपकारि

मन पुष्प चढ़ाने आये हैं

ये भेट प्रभु स्वीकार करो

है जग मे पावन नाम तेरा

है सबकी जुबा पर नाम तेरा

जब तक इस तन में जान रहे

तेरे चरणों में ध्यान रहे

य काशी देव जय महादेव

सारे संसार में हे भगवन

तुझसा वरदानी कोई नहीं

तुमसा वरदानी कोई नहीं

मुझसा कोई दीन नहीं जग में

और तुमसा दानी कोई नहीं

तुम सबकी बिगड़ी बनाते हो

मुझ पर भी दया एक बार करो

मैं बन के भिखारी आया हूँ

और खाली झोली लाया हूँ

खाली झोली भर दो दाता

मुझको सुख का वर दो दाता

वैन में उपवन में तु हि तू

मैं बनके बिखरी आया हूँ

॥ जय हो ॥

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

शिव महिमा भजन लिरिक्स + वीडियो is a bhajan dedicated to Shiva Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "शिव नाम से है, जगत में उजाला ।", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari). Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

If you enjoy this composition, explore more bhajan bhajans below. Each one is curated to help you build a devotional reading list that suits your tradition, mood, and occasion.

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