
शिव रे स्वरुपी शान्तिनाथजी म्हारा दाता,
भेरु रे अखाडे़ ज्योरो धाम रे,
ओ सतगुरुजी म्हारा,
जालौरी रा पीर अमर धाम,
ओ धीन गुरुजी म्हारा,
आवो नी पधारो म्हारे बेल ओ….हो।।
जालौरी भाकर मे उंचे,
डुंगरे म्हारा दाता,
जालौरी पर्वत उंचे,
भवड गुंफा मे जपिया जाप,
शिव भोला ने रटीया आप,
अरे सिरेमंदिर स्वर्ग,
सोवणो म्हारा दाता,
नव रे नाथो रो प्रकाश,
केशरनाथजी रो प्रताप,
ओ धीनगुरुजी म्हारा,
सिरेमंदिर समाधी,
आपरी म्हारा दाता,
आवे आवे जुग संसार,
गांव रे नरसोणा सु,
आया आपरे म्हारा दाता,
उत्तमसिंह राठौंड आपरे द्वार,
कर देजो भव सु पार ओ,
औ धीन गुरुजी म्हारा,
गंगा ज्यु निर्मल गंगा,
नाथजी ओ दाता,
करे थारे चरणो री सेवा,
ओ म्हारा दाता,
कर दीजो भव सुई पार,
पुरोहीत चेतन ने चरणा,
राखियो म्हारा दाता,
भजन प्रेषक – मदनसिंह जोरावत राठौंड़ बागरा
सिंगर:- जोगभारती ,गीता गौस्वामी
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