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मंत्र
श्री गुरु अष्टकम
कहानी: गुरु गूंगे, गुरु बावरे, गुरु के रहिये दास
गुरु बिन घोर अँधेरा संतो
गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना
सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में
हनुमान चालीसा
आदि शंकराचार्य जयंती
ॐ जय जगदीश हरे आरती
भगवान दत्तात्रेय जन्म
गुरु पादुका स्तोत्रम्
गुरु स्तुति
गुरु भजन
1 ॥ यदि शरीर रुपवान हो, पत्नी भी रूपसी हो और सत्कीर्ति चारों दिशाओं में विस्तरित हो, मेरु पर्वत के तुल्य अपार धन हो, किंतु गुरु के श्रीचरणों में यदि मन आसक्त न हो तो इन सारी उपलब्धियों से क्या लाभ?
2 ॥ सुन्दरी पत्नी, धन, पुत्र-पौत्र, घर एवं स्वजन आदि प्रारब्ध से सर्व सुलभ हो किंतु गुरु के श्रीचरणों में मन की आसक्ति न हो तो इस प्रारब्ध-सुख से क्या लाभ?
3 ॥ वेद एवं षटवेदांगादि शास्त्र जिन्हें कंठस्थ हों, जिनमें सुन्दर काव्य-निर्माण की प्रतिभा हो, किंतु उसका मन यदि गुरु के श्रीचरणों के प्रति आसक्त न हो तो इन सदगुणों से क्या लाभ?
4 ॥ जिन्हें विदेशों में समादर मिलता हो, अपने देश में जिनका नित्य जय-जयकार से स्वागत किया जाता हो और जो सदाचार-पालन में भी अनन्य स्थान रखता हो, यदि उसका भी मन गुरु के श्रीचरणों के प्रति अनासक्त हो तो इन सदगुणों से क्या लाभ?
5 ॥ जिन महानुभाव के चरणकमल पृथ्वीमण्डल के राजा-महाराजाओं से नित्य पूजित रहा करते हों, किंतु उनका मन यदि गुरु के श्री चरणों में आसक्त न हो तो इसे सदभाग्य से क्या लाभ?
6 ॥ दानवृत्ति के प्रताप से जिनकी कीर्ति दिगदिगान्तरों में व्याप्त हो, अति उदार गुरु की सहज कृपादृष्टि से जिन्हें संसार के सारे सुख-ऐश्वर्य हस्तगत हों, किंतु उनका मन यदि गुरु के श्रीचरणों में आसक्तिभाव न रखता हो तो इन सारे ऐश्वर्यों से क्या लाभ?
7 ॥ जिनका मन भोग, योग, अश्व, राज्य, धनोपभोग और स्त्रीसुख से कभी विचलित न हुआ हो, फिर भी गुरु के श्रीचरणों के प्रति आसक्त न बन पाया हो तो इस मन की अटलता से क्या लाभ?
8 ॥ जिनका मन वन या अपने विशाल भवन में, अपने कार्य या शरीर में तथा अमूल्य भंडार में आसक्त न हो, पर गुरु के श्रीचरणों में भी यदि वह मन आसक्त न हो पाये तो उसकी सारी अनासक्तियों का क्या लाभ?
9 ॥ अमूल्य मणि-मुक्तादि रत्न उपलब्ध हो, रात्रि में समलिंगिता विलासिनी पत्नी भी प्राप्त हो, फिर भी मन गुरु के श्रीचरणों के प्रति आसक्त न बन पाये तो इन सारे ऐश्वर्य-भोगादि सुखों से क्या लाभ?
माता के भजन
राम भजन
कृष्ण भजन
शिव भजन
खाटू श्याम भजन
गणेश भजन
हनुमान भजन
आर्य समाज प्रेरक भजन
होली के भजन
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ॐ तारिण्यै नमः। ॐ तरलायै नमः। ॐ तन्व्यै नमः।
1. एकाक्षरी तारा मन्त्र, ॐ त्रीं
दैनिक हवन-यज्ञ करने की सही और सरल विधि। और जानें मंत्रों का समयानुसार सही उपयोग उनके भावार्थ के साथ...
ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना मंत्र, ओ३म् भूर्भुव: स्व: ।
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो न: प्रचोदयात् ॥ तूने हमें उत्पन्न किया, पालन कर रहा है तू ।
माँ दुर्गा की पूजा समाप्ति पर करें ये स्तुति, तथा पूजा में हुई त्रुटि के अपराध से मुक्ति पाएँ।
आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं..
भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...
प्रथम पुष्पांजली मंत्र ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी।
💐 स्वामीनारायण जयंती
🐅 महा नवमी
🏹 राम नवमी
📜 भद्रा
🐚 कामदा एकादशी
🔱 सोम प्रदोष व्रत
🦁 महावीर जयंती
तारापीठ
श्रीजी के हनुमानजी
दुर्गा मंदिर, रामप्रस्थ
दिल्ली मे माता के प्रसिद्ध मंदिर
दिल्ली के कालीबाड़ी मंदिर
भारत के चार धाम
द्वादश ज्योतिर्लिंग
सप्त मोक्ष पुरी
ब्रजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर
प्रसिद्ध इस्ककों टेंपल्स
बिरला के प्रसिद्ध मंदिर
महाभारत काल से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध शिव मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर
दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध मंदिर
सिरसागंज के प्रसिद्ध मंदिर
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