
श्रीजी बाबा हमारे मन बसिया
श्रीजी बाबा हमारे मन बसिया महा प्रभु देखो प्यारो रंग रसिया
देखो यमुना की पावन धार लालन प्यारे लगते
देखो रूप बाबा का विशाल लालन प्यारे लगते
सद पांडे की घुमड़ गाये गिरिराज को दूध पिलाए,
उधर बाम बुजा दिखे भगवान
लालन प्यारे लगते
पन्दरा सो पेंतीस वैशाख कृष्ण ग्यारा,
मुखार विंद परगट श्री जी बाबा
देखो हो गया जग से निहाल
सात वर्ष के श्री जी बाबा अजब कुवर का वचन निभाया,
रथ रुक गया सिहं गाव लालन प्यारे लगते
रोहित दास की विनती बाबा हरी प्रेम में प्रीती लगाना
करे श्री नाथ जी सेवा अपार,
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