
सदा साफ़ रखना तू बन्दे,
मन का शिवाला,
ना जाने कब कर दे दया,
श्रष्टि रचने वाला,
देखे – अजब है भोलेनाथ ये।
या धनवान हो या निर्धन हो,
सबपे कृपा बराबर तेरी,
सबको कर्मो का फल देता,
सोच के देने वाला,
जब माया में भटक के कोई,
तन मन धन खो देता है,
जो प्रभु का सुमिरण करता है,
वो है किस्मत वाला,
जो जाए दरबार में उनके,
वो झोली भर देता है,
देने में सबसे आगे है,
शिव शंकर मतवाला,
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