
सफर श्याम संग
सुना है तो कांटो में भी फूल खिला देता है,
बिछड़े हुए अपनों को भी पल में मिला देता है ।
जो अत है तेरे दर पे खाली झोली,
कृपा से अपनी सांवरे भर भर के लुटा देता है ।।
आया हूँ तेरे दर पे झोली मैं फैला के,
क्या मांगू मैं तुझसे ये तू ही ये बता दे ।
जीवन के इस सफर में मुझे राह दिखा दे,
तेरा नाम ही काफी क्या मुझको ये बता दे ।।
मैं तो अनजान हूँ जानू ना रीत को,
मैं हारता ही आया देखा ना जीत को ।
अरदास मेरी सांवरे चरणों में जगा दे,
बस श्याम तेरे गीतों को होंठो पे सजा दे ।।
एक तू ही सहारा है मेरे यास सांवरे,
रोके तुझे पुकारा सरकार सांवरे ।
अब कोई ना हमारा खाटू में पनाह दे,
इस मन का ख्वाब तेरा दीदार करा दे ।।
सब को दिया तूने मैं भी तो तेरा हूँ,
तू कुञ्ज है प्रकाश का मैं तो अँधेरा हूँ ।
तेरी कृपा की नज़रें राहुल पे उठा दे,
आकाश में बदल है बरसात करा दे ।।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




