
साथी हमारा तू ही बनेगा,
तुमने सुना है तुमको,
सुनना पड़ेगा।
तर्ज – साथी हमारा कौन बनेगा।
शरण तेरी हूँ आया,
मैं टूटा दिल हूँ लाया,
अब तो आजा कन्हैया,
मैं जग से हार के आया,
बहते इन आंखों से आंसू,
तुझको पुकारे श्याम,
गिरते हुए आंसू को,
पोंछना पड़ेगा,
तेरा ही सुमिरण करता,
तेरा ही नाम लेता,
मैं हर पल मन में बाबा,
तुझी से बात करता,
लखदातारी तुमको कहते,
सुन ले मन की बात,
बाबा सुन ले मन की बात,
साथ हमेशा मेरे रहना पड़ेगा,
तुझे द्रोपदी ने पुकारा,
तो नंगे पैर आया,
भरी सभा में तूने,
उसका चीर बढ़ाया,
मेरी लाज पे आई,
अब चुप क्यों बैठे श्याम
लाज को मेरी बचाना पड़ेगा,
कलयुग में तू आया,
मीरा को अपनाया,
नानी का भात भराया,
नरसी को अपनाया,
मैं भी तेरा लाल हूं तूने,
क्यों मुझको बिसराया,
बाबा क्यों मुझको बिसराया,
हाथ दया का सर पे रखना पड़ेगा,
अंधेरा हर तरफ है,
नजर कुछ भी ना आए,
ये मेरा दिल घबराए,
जीवन का ये दीपक मेरा,
बुझ ना जाए श्याम,
‘नरेंद्र’ को दर्शन दिखाना पड़ेगा,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



