
सुखार जावणा बायण माँ मनावना नित उठ दर्शन पावना जी
सुखार जावणा,
बायण माँ मनावना,
नित उठ दर्शन पावनाजी,
ए सूखार जावणा,
दूर दूर ती भक्त पधारे,
चरना शिश निवावना जी,
अरे सूखार जावणा,
मालीजी तो द्वारे आवे,
फुलडो रा हार चढावे जी,
अरे मालीजी तो द्वारे आवे,
राजसमन्द जिला रे माई,
सुखार नगरी प्यारी जी,
अरे राजसमन्द जिला रे माई,
अरे बायण माँ रो मन्दिर बनीयो,
दर्शन री बलिहारी जी,
ढोल नगाडा नोपत बाजे,
झालर शंख बजावना जी,
अरे ढोल नगाडा नोपत बाजे,
अरे सांझ सवेरे होवे आरती,
अरे दुखीया सुखीया चरने आवे,
अरे साचा मनती करे सेवना,
जन्म सफल कर जावना जी,
अरे बायण माँ री आ महिमा तो,
सोनी साउण्ड मे गावा जी,
अरे हरीश गहलोत चरने आवे,
चरना शिश झूकावना जी,
गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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