
सुध लेना भक्तों की शंभू त्रिपुरारी
आये है शरण तेरी सभी नर नारी।।
चौरासी छुड़ा दो फन्द बंधन हरि
तेरा ही भजन करे नील कंठ धारी।।
जीवन की ज्योत पड़ी धीमी है हमारी
इसको जगाओ आके छटे अंधियारा ।।
काम क्रोध लोभ मिटे बनु गुणकारी
ॐ नमो शिव जपु माला मैं तिहारी
सुबा शाम पूजा करू आके तुम्हारी
घंटे घड़ियाल बाजे मंगल करि।।
सारे जग को पालते हैं मेरे नील कंठ भगवान
मन छोड़ व्यार्थ की चिंता तू शिव का नाम लिए जा
बेल पे चढ़े आ गए भोले डम डम डमरू शिव का
शिव भोले जी के द्वारे तू चल रे कंवरिया प्यारे
आदि गुरु हैं देवो में भोले शंकर रामेश्वरम नागेश्वर शिव भजन
कांवरियों का त्योहार आया शिव भजन
अजब है रूप और अजब तेरी हस्ती चढ़ी है भोले तेरे
सवेरा जब हो मेरे करतार करू में तेरी जय जयकार शिव
सुबह की पहली किरणों में शिव का रूप समाया शिव भजन
ॐ मंगलम ओंकार मंगलम ॐ नमः शिवाय मंगलम
डम डम डमरू वाला बड़ा है वो मतवाला शिव भजन
हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली शिव भजन
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