
सेवा सुमिरण करके असा उम्र बितानी ए,
तुहाडी बनी रहे कृपा असा तोड़ निभानी ए,
असी कख सी गलियां दे तुसा गल नाल लाया ए,
जिस नाम तो बिछड़े सी ओ नाम मिलाया ए,
मेरी माँ दा जो दर मिलेया ओ पाग निशानी ए,
साडे हुकुम नु मन लैना ए सच्ची भक्ति ए,
तुहाडी मौज दे विच रहना ए सच्ची मस्ती ए,
बिना कृपा दा होये ना र रस्म पुरानी ए,
सच बोल के सच कहना असी कदे ना डोलांगे,
सच पीछे मर जाना जयकारे बोलांगे,
उस ज्योत विचो ज्योत निकले ओ ज्योत नूरानी ए,
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