
सोया मनवा जगाले रे,
जगा ले रे बीती रजनी,
हरि को ह्रदय बसा ले रे,
बसाले रे बीती रजनी,
सारी दुनिया जाग गई और,
तू निद्रा में सोया,
हरि भजन का अवसर प्राणी यु ही तूने खोया,
जीवन करम कमाले रे,
कमाले रे बीती रजनी,
पल पल जो भी निकला जाए,
फिर नहीं हाथ में आये,
जीवन का अनमोल खजाना,
जग में लुटता जाए,
कुछ तो पूंजी बचाले रे,
बचाले रे बीती रजनी,
ज्ञान का सूरज गगन में चमके,
दूर हुआ अँधियारा,
ओ झूठे सपनो के अंधे,
अब तक नहीं निहारा,
हरि ने किये उजाले रे,
उजाले रे बीती रजनी,
ओ जगाले रे बीती रजनी,
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