
हम तो तेरे दरबार के,
दरबारी हो गए,
भोले तेरे नाम के,
पुजारी हो गए।।
तर्ज – हम तो चले परदेस।
ये कीर्तन और तेरे भजन से,
हम थे बेगाने,
अब तो तेरे चरणों के,
भोले हम है दीवाने,
दर्शन दो इकबार,
हम दरबारी हो गए,
हैं भोले हम बालक तुम्हारे,
भूल ना जाना,
भव सागर से सबकी नैया,
आकर पार लगाना,
कर देना भव पार,
ये ‘शर्मा’ अब तेरी शरण में,
आके पड़ा है,
जांगण राजकुमार भी भोले,
कबसे द्वार खड़ा है,
हे दानी दातार,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
