
हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के,
पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के,
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के,
मंजिल पे आया मुल्क हर बला को टाल के,
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के ।।
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के ।
तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के,
देखो कहीं बरबाद न होवे ये बगीचा,
इसको हृदय के खून से बापू ने है सींचा ।
रक्खा है ये चिराग शहीदों ने बाल के,
दुनिया के दांव पेंच से रखना न वास्ता,
मंजिल तुम्हारी दूर है लंबा है रास्ता ।
भटका न दे कोई तुम्हें धोके मे डाल के,
एटम बमों के जोर पे ऐंठी है ये दुनिया,
बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनिया ।
तुम हर कदम उठाना जरा देखभाल के,
आराम की तुम भूल भुलय्या में न भूलो,
सपनों के हिंडोलों मे मगन हो के न झुलो ।
अब वक़्त आ गया मेरे हंसते हुए फूलो,
उठो छलांग मार के आकाश को छू लो ।।
तुम गाड़ दो गगन में तिरंगा उछाल के,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

