
हम श्याम के प्रेमी हैं श्याम पे मरते हैं
हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं,
जय श्री श्याम.............
हम इनके भरोसे ही हर काम करते हैं॥
दुनिया ज़माने को बस ये बात खल रही है,
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है,
वो जितना जलते हैं हम उतना निखरते हैं,
मेरे बोलने से पहले मेरा काम हो रहा है,
मेरी हैसियत से ज़्यादा मेरा नाम हो रहा है,
हम इनकी गोदी में आराम करते हैं,
हैं श्याम की बदौलत हर भोर ज़िन्दगी की,
इनके ही हाथ में है अब डोर ज़िन्दगी की,
मेरी साँसों की किश्तें मेरे श्याम भरते हैं,
है श्याम आसरे पर अपनी ये ज़िंदगानी,
आगाज़ भी इसी से इस पर ख़त्म कहानी,
सोनू जीवन अपना इनके नाम करते हैं,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

