
हमारा प्यारा अयोध्या धाम
मां सरयू के तट पे बसाया
श्री हरि ने निज धाम
अयोध्या धाम अयोध्या धाम
है जग से न्यारा अयोध्या धाम
प्रथम नगर है ये सृष्टि का
जन्मे जहां प्रभु राम
अंतरा - 1
मणि मंडप है स्वर्ग लोक का अवधपुरी का रूप
जहां बराबर सभी एक रस रंक हो या फिर भूप
चक्र सुदर्शन पर स्थित है तारनहारी नाम
अंतरा - 2
है राजधानी सिद्ध संत और परमहंस की खान
त्याग तपस्या और समर्पण का बांटा है ज्ञान
देवी देवता रूप बदल नित
विचरत हैं हरि धाम
अंतरा - 3
राम नाम धुन सदा सुनाई देती यहां अविराम
योगी ध्यानी दरस परस कर करें जहां विश्राम
रक्षक हैं इस दिव्य नगर के
महाबली हनुमान
अंतरा- 4
रिद्धि सिद्धि जहां गली-गली में विहरत आठों याम
सब धामों में धाम शिरोमणि श्री अयोध्या धाम
कण कण में सियाराम बसत हैं
रज है चारो धाम
अंतरा -- 5
मां सरयू की पावन धारा गाये राम गुण गान
कितना बड़ा पतित हो पावन होता कर स्नान
गाते विवेक मुकेश वही जो
कहता वेद पुराण
गायक - विवेक पाण्डेय रुद्राक्ष
श्री अयोध्या धाम
गीतकार - मुकेश पाण्डेय
संगीतकार - बबलू मिश्रा
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