
शैलपुत्री माँ, ब्रह्मचारिणी
चंद्रघटा, कात्यायनी माँ
सकंदमता, कुश्मांडा, कालरात्री महारानी माँ
जय हो तुम्हारी सिद्धिदात्रि, महागौरी वरदानी माँ
महागौरी वरदानी माँ, महागौरी वरदानी माँ...
जय माँ जय माँ जय माँ जय माँ
हर रूप के दर्शन करने हैं
भक्तों ने नवरातों में
तेरी ज्योत जलाकर जागेंगे
माँ तेरे जगरातों में
तुझे मन की बात बतादी है
हमने बातों बातों में
माँ ओ माँ
चरणों पे तेरे सर यह झुकाके
किस्मत जगालेंगे बच्चे तेरे
फैलाके झोली माँ तेरे आगे
दीदार पालेंगे बच्चे तेरे
सर पर रहेगा तेरा हाथ माँ
हर पल रहेगा तेरे साथ माँ
जन्मों की प्यास भूजा लेंगें
तेरी ममता की बरसातों में
माँ ओ माँ ओ माँ
फूलों से मैयां तुझको सजाके
पलकों में झूले झुलाएँगे माँ
हाथों से अपने है जो सजाई
चुनरी तुझे वो चड़ाएँगे माँ
चुनरी तुझे वो चढ़ाएँगे माँ
चुनरी की छैया मिलेगी हमें
जिस दिन तू मैयां मिलेगी हमें
तेरी स्वागत की तयारी हैं
है हार हाथों में
आजा शेरावलिये
आजा ज्योतावालिये
आजा मन्द्रावालिये
आजा पहाड़ावालिये
बोल सच्चे दरबार की जय
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