
हुई सफल कमाई महाराज,
भरतरी थारी भरतरी थारी,
ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी,
ए हुई सफल कमाईं महाराज,
ए मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी।।
हे राजा सुतो महल रे माय,
तृष्णा जागी ए तृष्णा जागी,
जाने मिलिया गोरखनाथ भरमना भागी,
ए राजा सुतो महल रे माय,
तृष्णा जागी के तृष्णा जागी,
हे राजा जावो शहर के माय,
दे आवो फेरी दे आवो फेरी,
पिंगला ने कहिजो मात मत करो देरी,
ए राजा जावो शहर के माय,
हे राजा गयो शहर के माय,
दे रयो फेरी ओ दे रयो फेरी,
भिक्षा घालो पिंगला मात मत करो देरी,
ए राजा गयो महल रे माय,
हे रानी ऊबी महल रे माय,
लटीया तोडे ए लटीया तोडे,
ए राजा एक दिन पकड्यो हाथ,
प्रीत कई तोडे,
ए रानी ऊबी महल रे माय,
ए राजा एक दिन पकड्यो,
हाथ प्रीत कई तोडे।।
हे रानी ऊबी डोड्या रे बीच,
कलप रही काया कलप रही काया,
थारा मरजो गोरखनाथ राज छुडवाया,
ए रानी ऊबी डोड्या रे बीच,
ओ थारा मरजो गोरखनाथ राज छुडवाया।।
हे रानी मत दे गुरूजी ने घाल,
कर्म रेखा न्यारी कर्म रेखा न्यारी,
मारा लिखिया विधाता लेख टले नही टाली,
ए रानी मत दे गुरूजी ने घाल,
ओ मारा लिखिया विधाता लेख टले नही टाली।।
हे एक सोहन शिखर रे माय,
साकडी सेरी साकडी सेरी,
ओतो गावे झरना नाथ भजन रो लहरी,
ए एक सोहन शिखर रे माय,
ओतो झरना नाथ भजन रो लहरी।।
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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