
हे करुणामयी राधे मुझे बस तेरा सहारा है
कब अपनाओगी, किशोरी मोहे,
कब अपनाओगी
निज कर कमल धरे मस्तक पर,
मोहे वृन्दावन में बसाओगी,
सुन्दर रूप स्वरुप आपनों,
कब तुम मोहे दिखाओगी,
आली किशोरी जो नाम साँचो कर,
मोहे रसिकन माहीं मिलाओगी।
हे करुणामयी राधे,
मुझे बस तेरा सहारा है,
अपना लो मुझे श्यामा,
तेरे बिन कौन हमारा है,
राधा,राधा,राधा,राधा
श्री राधा,राधा,राधा,राधा.....
कोई किसी का नहीं जहाँ में,
झूठी जग की आस,
हम बेबस लाचारों की श्यामा,
तुम से यही अभिलाष,
दीनों पे दया करना,
दीनों पे कृपा करना,
यही स्वाभाव तुम्हारा है,
गहरी नदियाँ नाँव पुरानी,
डगमग डोले नैयाँ,
बीच भँवर में आन फँसा हूँ,
पकड़ो मेरी बईया,
कहीं डूब ना जाऊँ मैं,
किशोरी दूर किनारा है,
तेरे दर पे जो भी आए,
उसको तुम अपनाती,
श्री राधा, श्री राधा, राधा,
गर्दिश के मारो की श्यामा,
बिगड़ी बात बनाती,
हम जैसे अधमों का,
जीवन तुमने ही संवारा है,
चित्र विचित्र अपने कर्मो से,
मन ही मन घबराए,
तेरी कृपा का ले के सहारा,
द्वार तुम्हारे आए,
तेरे दर के सिवा मेरा,
कहीं नहीं और गुजारा है,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
