
हेलो मारो साम्भलो ने,
रूनीचे रा राज।
हे जी रे रामा सामा आवजो,
कलजुग बहे रे करूर,
अरज करू अजमाल रा,
ए जी साम्भलजो नी हुजुर।
अरे हेलो म्हारो साम्भलो ने,
हुकम होवे तो धनीया,
आय लागू पाव,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।
हे जी रे लीलो घोडो नवलखो,
ज्यारी मोत्या जडी रे लगाम,
पिछम धरा रे मारगा,
हे रामो राज कंवार।
अरे देसुरी रो बाणीयो ने,
यात्रा ने जाय,
सामी मिलीयो चोरटो ने,
झूठी सोगन खाय,
अरे गेरी गेरी झाडीया ने,
मीठा बोले मोर,
तीनो तो ही यात्री ने,
चौथो मिलगो चोर,
हे जी रे हालो हरजी देव रे,
मिलसी रामापीर,
दुखीया रा दुखड़ा मिटे,
हे साजा करे रे शरीर।
अरे डिगी डिगी झाडीया मे,
मीरगा बोले मोर,
मार दियो बाणीया ने,
धन लेग्यो चोर,
ओ ऊबी ऊबी अबला,
करे है पुकार,
करे रे पुकार,
कटीने गयो रे मारो,
द्वारका रो नाथ ओ जी हो हो।।
हे जी रे रूणझुण बाजे घुगरा,
घोडलीये रा बाजे पोड,
भगता री सुनजो विनती,
ए आवे है रणछोड़।
अरे लीलो लीलो घोडलो ने,
हाथा लिनो तीर,
सेठानी री वेल चढीया,
राम सा पीर,
अरे ऊबो रेजा चोरटा,
कटे भागो जाय,
सेठानी रो माल तू तो,
कितरा दिन खाय,
हे जी रे साचा मनसु सेविये,
आवे है जगदीश,
दुष्ट संगारे भगत उबारे,
ए देवे भगत ने धीर।
अरे आगे आगे चोरटो ने,
लारे रामापीर,
हाथ रे हुजुर ऊबा,
सुगना रा बीर,
फोड दिनी आखीया ने,
चाढ दिनो कोड,
दुनिया जाने रे ओतो,
रामसा रो चोर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।
हे जी रे द्वारका सु आप पधारीया,
विष्णु रा अवतार,
धोरा धरती धाम बनायो,
ए भगत करे है बखान।
अरे उठेनी तू सेठानी,
धड सु माथो जोड,
उठावे नी सेठजी ने,
आलस मरोड,
अरे उठीया है सेठजी,
चरना मे जाय पडीया,
दोनो हाथ जोड़,
हे जी रे तंवर वंश रा राजवी,
धोरा धरती माय,
भगता री सुन विनती,
ए प्रकटे है पल माय।
अरे गावे दल्लो बाणीयो,
भली राखी टेक,
गाँव रूनीचा मे लेलीनो फेर,
गायक – मोईनुद्दीन मनचला जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


