
है मुझ पे आपका बड़ा अहसान मेरी माता
मुझे दिया चरणों का अपने ध्यान मेरी माता
फिरता था मैं माराथा दुनिया ने ठुकराया
आया शरण आपकी माँ आपने अपनाया
कोई नहीं यहाँ संग जो आप जैसा निभाता
सारी नाते झूठे एक सच्चा आप से नाता
था अभागा भाग्य मारा भाग्य आपने जगाया
भटके हुए राजीव को माँ सच्चा मार्ग सुझाया
आप ना थामती पतवार तो डूब भंवर में जाता
ना खेती नैया मैया आप तो कैसे पार उतर पाता
भरी आपने झोली उसकी जो भी दर पे आपके आया
आया जो बन याचक उसे कभी खाली नहीं लौटाया
जग सारा माँ बन सवाली महिमा आपकी गाता
जो भी आता दर पे आपके कभी खाली हाथ ना जाता
©राजीव त्यागी
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