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दोहे

Doha

Couplets of wisdom and devotion from Kabir, Tulsidas, Rahim and other saint-poets.

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Doha — page 4 of 4

गुरू रामनिवास जी ने बार बार वंदनाRam Ji · Doha · हिंदीखेतेश्वर खेड़ा में जनमिया थाल सोना रो बाजन लागोRam Ji · Doha · हिंदीसोना रो घड़ोलियो ने रूपा री ईडाणीRam Ji · Doha · हिंदीबाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणीShiva Ji · Doha · हिंदीसतगुरु अविगत भेद बताया पारख बानीRam Ji · Doha · हिंदीथारी मुरली में मेरो मन लागो कान्हाKrishna Ji · Doha · हिंदीतू मेरा हो गया देखते देखते श्यामKrishna Ji · Doha · हिंदीयो तन जावसी रे मनवा चेत सके तो चेतRam Ji · Doha · हिंदीसाधो भाई हरदम हरि है भेलाRam Ji · Doha · हिंदीचलो बुलावा आया है माता ने बुलाया हैDurga Ji · Doha · हिंदीओ मावडी बिलाड़ा नगरी में थारो बेसनोRam Ji · Doha · हिंदीजय महावीर मेवाड़ धरा महाराणा पन्नाधाय गाथाRam Ji · Doha · हिंदीम्हारी खेड़ादेवी रे द्वार दिवला जाग्या रेDoha · हिंदीम्हारा बेटा न्यारों मति होजे ओDurga Ji · Doha · हिंदीगुरुदेव पिलादी वो अमर ओम जड़ीRam Ji · Doha · हिंदीविश्वकर्मा महाराज म्हारा सारो सगला काजKrishna Ji · Doha · हिंदीहंसलो री जोड़ी जग में बिछडीDoha · हिंदीअगड़बम अगड़बम बाजे डमरू शिवजीShiva Ji · Doha · हिंदीनाथजी शरण कमल बलिहारी शांतिनाथ जी भजनShiva Ji · Doha · हिंदीगुरु की दुआई मैं तो झूठ कोनी बोला रे हड़बूजी रामदेव जी मिलापDurga Ji · Doha · हिंदीप्रितम पायो रे काया में आत्म अजर अमर भरतारRam Ji · Doha · हिंदीरसीया बालम री कथा राजस्थानी कथाDoha · हिंदी

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