
अगर मैया देखोगी अवगुण हमारे, तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर मैया देखोगी अवगुण हमारे....
हमारे लिए क्यों देर किए हो हमारे लिए क्यों देर किए हो,
पापी अनेकों हैं, पल में उबारे,
पतितों को पावन हो करती कृपानिधि पतितो को पावन हो करती कृपानिधि,
किए पाप है इस, सुयश के सहारे,
ये माना अधम हैं अपावन कुटिल हैं ये माना अधम हैं अपावन कुटिल हैं,
सब कुछ हैं लेकिन हैं, फिर भी तुम्हारे ये मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
ये मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से इसे शुद्ध करने में, हम भक्त हारे,
अशरण शरण और अधम उधारण अशरण शरण और अधम उधारण,
क्या ये नहीं माँ, विरध तुम्हारे हमें दीनबंधु माँ ह्रदय से लगा लो,
हमें दीनबंधु माँ ह्रदय से लगा लो पड़े दीन हैं हम, दर पे तुम्हारे,
भले या बुरे हों कैसे हों लेकिन भले या बुरे हों कैसे हों लेकिन,
निज जन तो हैं तुमको, प्राणों से प्यारे कामी कुटिल जन पतित अधम हम,
कामी कुटिल जन पतित अधम हम जैसे भी हैं माँ, तेरे दुलारे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



