
अरजी सुनले अम्बा रानी,
सुनले जगदम्बा महारानी,
भगत आया है माताजी थारे आसरे,
मोटी तू दातार भवानी,
तीनो लोका री धनीयाणी,
भक्त आया है अम्बाजी थारे आसरे।।
थारी महिमा सुनने अम्बा,
आंगन थारे आया,
घिरत चूरमा और मिठाई,
भोग चढावन लाया,
ओ जगदम्बा थारे मिन्दर मे ओ हो,
मीठा मीठा हरजश गावा,
थारी रात जगावा,
अर्जी सुनले अम्बा रानी,
लाल चुनडीया वाली अम्बा,
सिंह चढी असवारी,
दुष्टा रो संहार करे माँ,
भक्तो री रखवाली,
माँ जगदम्बा थारे दर्शन ने ओ हो,
नैन उडीके माँ नवदुर्गा,
आंगन आवे म्हारे,
ऊंचो थारो भवन भवानी,
ध्यावे दुनिया सारी,
नवराता मे मेलो लागे,
भीड़ पडे भगता री,
माँ चामुण्डा थारे मिन्दर मे ओ हो,
नाचे गावे ढोल बजावे,
थारी ज्योत जगावे,
दास अशोक चरना रो चाकर,
गावे महिमा थारी,
इन कलयुग मे माँ जगदम्बा,
लाज राखजो म्हारी,
माँ जगदम्बा थारे मिन्दर मे ओ हो,
हाथ जोड अरदास सुनावे,
चरना मे शिश नमावे,
गायक – मोईनुद्दीन जी मनचला।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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