
अरे ओ अंजनी के लाला मुझे तेरा एक सहारा
अरे ओ अंजनी के लाला,
मुझे तेरा एक सहारा,
मुझे अपनी शरण में ले लो,
मैं बालक हूँ दुखियारा।।
माथे पर तिलक विशाला,
कानों में सुन्दर बाला,
थारे गले राम की माला,
ओ लाल लंगोटे वाला,
थारा रूप जगत से न्यारा,
लागे है सबने प्यारा,
अब अपनी शरण में ले लो,
प्रभु सालासर के माही,
थारा मन्दिर है अति भारी,
नित दूर दूर से आवे,
थारा दर्शन को नर नारी,
जो लाये घृत सिंदूरा,
पा जाये वो फल सारा,
सीता का हरण हुआ तो,
श्रीराम पे विपदा आई,
तुम जा पहुँचे गढ़ लंका,
माता की खबर लगाई,
सब बानर मिलकर बोले,
तेरे नाम का जय जयकारा,
ओ सुण अंजनी के लाला।।
जब शक्ति बाण लगा तो,
लक्ष्मण जी को मुर्छा आई,
बानर सेना घबराई,
रोये रामचन्द्र रघुराई,
तुम लाये संजीवन दीन्हा,
लक्ष्मण के प्राण उबारा,
बाबा तारे भक्त अनेकों,
चाहे नर था या नारी,
अब बोलो पवन कुमारा,
कब आयेगी मेरी बारी।
बाबा मै भी टाबर तेरा,
बस चाहू तेरा सहारा,
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