
आई रे हनुमान जयंती आई
आई रे हनुमान जयंती आई भजन लिरिक्स
स्वर – लखबीर सिंह लख्खा जी
आई रे हनुमान जयंती आई,
आयी रे हनुमान जयंती आई,
बल बुध्दि और ज्ञान के दाता,
अति बलवान जगत विख्याता,
जिसने भक्ति राम की पाई,
आयी रे हंनुमान जयंती आई,
पवन पिता माँ अंजनी का,
लाल ये प्यारा प्यारा,
जनम लिया जब दसों दिशा में,
छाया है उजियारा,
जिनकी वज्र जैसी काया,
जिनके मुख पे तेज सुहाया,
जिनका नाम सदा सुखदाई,
लाल सिंदूर देह पर सोहे,
लाल लंगोटे वाला,
नाम जपे जो हनुमान का,
एक एक संकट टाला,
कहलाते है राम दास जो,
करते है पापों का नाश जो,
जिनकी महिमा वरनी ना जाई,
मारी एक छलांग तो,
सूरज मुख में दबाए,
दूजी भरी उड़ान तो,
लंका नगरी आप जलाए,
संजीवन बूटी है लाए,
प्राण लखन के आन बचाए,
बने राम के सदा सहाई,
शरण में लो सालासर वाले,
‘लख्खा’ शीश नवाए,
हम भी शीश नवाए,
ओ मेहंदीपुर वाले तेरा,
वचन ना खाली जाए,
बन जाते बिगड़े सब काम,
जपता हूँ जब तेरा नाम,
ये बात ‘सरल’ समझाई,
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