
आओ आंगनीये एक बार मारा सार्दुलसिंहजी आप
आओ आंगनीये एक बार,
मारा सार्दुलसिंहजी आप,
थोरी घणी करू मनवार,
दाता लुल लुल जोडु हाथ,
आईजो आंगनीये एकबार।।
दाता घणी करू मनवार,
मारा झूंजारजी महाराज,
दर्शन देवो उलारीया धाम,
बैठा तखतगढ रे माय,
आईंजो आंगनीये एकबार,
ए राजस्थान पाली जिला रे माय,
गाँव तखतगढ नगरी माय,
भाया मंदिर बनीयो जोर,
ज्यारी महिमा चारो ओर,
थोरा परचा है अपार,
आवे बालक ने नर नार,
ए घर घर गावे मंगला चार,
दाता थोरा ही गुण गान,
आपने सिवरू दिन ने रात,
राखो छत्तर वाली छाव,
ए दाता थारोडे दरबार,
आतो जगमग जागे जोत,
माने नहीं किनो विशवास,
आवु उलारीया नगरी लौट,
दाता उलारीया वाले धाम,
माने आवे घणो विशवास,
दाता घूमीयो घणो दरबार,
माने कोई न करीयो पार,
मन री आशा लेने आज,
आया दाता रे दरबार,
भगतो रो भलो करे है आज,
राखो नित चरनो रे माय,
ओतो नवराता रे माय,
दाता रो मेलो लागे जोर,
जगदीश जी है आपरा दास,
भगतो ने देवो साचो न्याव,
कोई बीज तेरस ने आज,
गादी लागे रे अपार,
अरे दाता दूर दूर रा लोग,
आवे आपरे नर नार,
ए दाता पोकनवंस रे पास,
आकर बैठो शंकर टाक,
ओतो माँ फिल्म मे आज,
थोरा भजन सुनावे दिन रात,
ओतो रूपाजी रा रेडीया मे,
भजन सुनावे दिन रात,
गायक – शंकर जी टाक।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


