
आजाआ… ओओओ…
आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..
रोवे अकेली मीरा..आ..
बालक सी न ब्याह करवाया
तेरे संग ब्याही हो..हो..
पिहर छोड़ सासरे आगी
लदी कुल क शाही हो..हो.. ॥
रोम रोम मे रम होया से..
नही रोम टेन न्यारा हो
दुष्टों का संघार किया
बन्यां भक्तो का तू प्यारा हो.. ॥
जंग जोवे अकेली मीरा..आ.. ॥
आदम देह के चोले संग
दूत रहें सयम हो.. हो..
सतरंग सेज बिछा रखी से
लगे गाळीचे गम के हो..हो.. ॥
सोवे अकेली मीरा..आ.. ॥
माँगेराम राम ने टोहेवे
कोन्यों पाया दर पे हो..हो..
लख़मिचंद सुरग मे जालिये
फेर भी बोझा सिर पे हो..हो..॥
ढोवे अकेली मीरा..आ.. ॥
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

