
आज गोकुल नगरिया निहाल हे सखी,
लिये जनम कन्हाई कृष्णलाल हे सखी,
आज गोकुल नगरिया......
गूँजत नन्द भवन किलकारी,
देखन धावत गोकुल सारी,
तरुण किशोर , बृद्ध बाल हे सखी,
बाजत गोकुल शुभ शहनाई,
सब इक परस्पर, देत बधाई,
संग गोपिन नाचैं, ग्वाल बाल हे सखी,
प्रकटे ब्रह्म अनंत अबिनाशी,
देत अशीष सब ब्रजपुर बासी,
जियें कोटि बरीस, नन्दलाल हे सखी,
आभार: ज्योति नारायण पाठक
वाराणसी
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