
आता रहूं गाता रहूं श्याम तुम्हे मैं रिझाता रहूं
आता रहूं गाता रहूं,
श्याम तुम्हे मैं रिझाता रहूं,
मेरे इस दिल की तमन्ना है ये,
देखूं तुझे मुस्कुराता रहूं,
तर्ज – जीना यहाँ मरना यहाँ।
दाता तेरे दरबार में,
हरपल ही खुशियों की भरमार है,
मन को मेरे भाता है तू,
मुझको सदा तेरी दरकार है,
सुनता है तू मन की मेरी,
तुझको मैं आके सुनाता रहूँ,
तेरे बिना मैं कुछ भी नहीं,
पहचान मेरी है तुझसे प्रभु,
तूने किये उपकार जो,
अहसान तेरे है मुझपे प्रभु,
मालिक मेरे महाजन मेरे,
चरणों में सिर को झुकाता रहूँ,
पथ में तेरे जो प्रेमी मिले,
अपनों से बढकर वो अपने लगे,
देखूं जिधर लगता है यूँ,
सारे के सारे मेरे है सगे,
‘बिन्नू’ को जो तू दे रहा,
वो भाव इनमे लुटाता रहूँ,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
