
आली रे आली दरबार है आली,
रक्षा करती भक्त जनों की,
माई शेरोवाली...
आली रे आली रे आली दरबार तेरा आली,
माई मेरी ओढ़ के बैठी देखो लाल चुनरिया,
देखो लाल चुनरिया,
माई तेरे रंग में रंगी है आज सारी नगरीया,
आज सारी नगरिया,
मुझको भी अपने रंग में रंग ले,
माई मेहरावाली……..
( हे माँ तेरी ज्योति से नूर मिलता है,
सबके दिलों को सुरूर मिलता है,
जो भी आता है मेरी माई के दरबार,
उसे कुछ न कुछ जरूर मिलता है। )
मैय्या के दरबार मे जो अपना दामन फैलाए,
अपना दामन फैलाए,
जो अपना दामन फैलाए,
दरबार मे शेरावाली के अर्जी जो दिल से लगाए,
अरे भर भर झोली लेकर जाते ,
भर भर झोली लेकर जाते ,
जाता ना कोई खाली।
चरणों मे मैय्या तेरे छप्पन गाये जगराता,
हम सब गाए जगराता,
हाथ जोड़ वन्दन करता तेरे आगे शीश झुकता,
आगे शीश झुकता,
तेरे आगे शीश झुकता,
सब भक्तन पर मेहर तू करना,
सब भक्तन पर मेहर तू करना माई शेरोवाली।
चरणों मे है तेरे दुनिया,
आगे न तेरे कोई टिका ,
झुका न वो किसी हाल में फिर,
दर पर जिसका सर झुका,
दया है तेरी मुझ पर मैय्या,
बाल बांका न कोई कर सका,
कोई कर सका ,
बोलिये…..
श्री राज राजेश्वरी जगजननी,
माँ परम्बा ललिता महात्रिपुरा सुंदरी,
श्री सर्वशक्ति बिजासन रानी की जय……
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



