
मेरे रहे जगत पण्डा, सेवा भले हो माँ ।।
किनने लगाए धन नींबुवा रे, धन अम्बा मेरी माँ,
किनने जो सगर खुदाये,
गउआ पिये जलपान ।। मेरे रहे जगत ।।
राम लगाए धन नींबुवा रे, लछमन धन आय,
जगदेव सगर खुदाये,
गऊआ पिये जलपान ।। मेरे रहे जगत ।।
काहे के नींबुवा लगाए रे, काहे की धन आय,
काहे को सगर खुदाये,
खाने के नींबुवा लगाए रे, चूसन धन आम,
पीने को सगर खुदाये,
आगई गौवा जल पी गई रे, गौवा दे दई रे आशीष,
जुग जुग जियो राजा बादशाह,
मेरी मैया के दरबार । । मेरे रहे जगत ।।
कित लग चढ़ो रे मुगलवा, कितलग रे पठान,
कितलग चढ़ो रे राजा बादशाह,
एक लख चढ़ो रे मुगलवा, दो लख रे पठान,
तीन लख चढ़ो रे राजा बादशाह,
तू मेरी आदि भवानी, रख लईयो मेरी लाज,
बेगीराम जस गावे , मैया तेरे दरबार ।। मेरे रहे जगत ।।
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