
आसमाँ को छू कर देखा
आसमाँ को छू कर देखा, तारों की करली सवारी,
चाँद पर भी नाचें हम, की तूफ़ानों से यारी,
क्या करूँ और क्या नहीं?
बात किसी से कही नहीं,
मौज-मस्ती की आदत मेरी,
बचपन से गई नहीं,
पागलपन ये कैसा है?
काम ये जैसा-तैसा है,
सोच की नज़ाकत है, थोड़ी सी शरारत है,
टेढ़ा ये सामान क्यूँ है? आफ़त में जान क्यूँ है?
मच रहा बवाल क्यूँ है? उलटा ये दिमाग क्यूँ है?
ये, ये, ये आँख मिचौली, चोर, डाकू, भूत टोली,
बम-बम बजरंगबली, महाबली, महाबली,
खलबली ही खलबली, देखो है हो चली,
धरती, सागर, तारे, राज मेरा ही प्यारे,
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