
इक तमना है जीवन की निधि वन रात बिताऊ
Ik Tamana Hai Jiivan Ki Nidhi Van Raat Bitaau lyrics
इक तमना है जीवन की निधि वन रात बिताऊ
समाने श्याम हॉवे फिर चाहे मैं मर जाऊ,
चाहे मैं मर जाऊ चाहे मैं मर जाऊ,
निधि वन की सब लता पताये,
देख श्याम को नित हरषाए,
मुझपर मोहन रीज गए तो मैं भी नित हरषाऊ,
रंग मेहल की छटा सुहाए
रास रसीली सुध बिसराए
युगल छवि हो समाने मेरे पलके न झ्प्काऊ,
रंग संवारा रूप सलोना
चाहू निधिवन का इक कोना
केवल कोई प्यास रहे न एसी प्यास बुजाऊ
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