
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
Itana To Karana Svaami Jab Praan Tan Se Nikale lyrics
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले - २
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले
श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

