
उज्जैन वाले बाबा,
बिगड़ी मेरी बना दे।
दोहा – दुनिया को जो मिला है,
तेरे दर से मिला है,
मुझको तो मुकद्दर भी,
महाकाल मेरे बाबा,
तुमने ही मेरे बाबा,
लाखों की झोली भर दी,
सारी मुरादे भोले,
तुमने ही पूरी कर दी।
“जिसने जहां जो मांगा,
तुमने दिए खुशी से,
तुमने दिए खजाने भोले,
कहते नहीं किसी से।”
गिरतों को मेरे बाबा,
आकर उन्हें उठा दे,
जिस पर मेहर तुम्हारी,
उसको कमी ही क्या है,
भरपूर देने वाले,
भरपूर ही दिया है।
“कोई कमी ना छोड़ी,
करतब दिखा दिया है,
औकात से भी ज्यादा मेरे भोले,
भर भर के दे दिया है।”
बिछड़े है जो हमारे,
उनसे हमें मिला दे,
बिखरा हुआ पड़ा है,
मेरे घर का कोना कोना,
किस्मत पर मेरे भगवन,
आता है मुझको रोना।
“फुर्सत जरा निकालो बाबा,
आकर मुझे संभालो,
घिरती मुश्किलों से मेरे भोले,
आकर हमें निकालो।”
उजड़ी सी जिंदगी है,
फिर से चमन खिला दे,
सबकी बना दी किस्मत,
मेरी बारी क्यों मुकरते,
मैं बेटी हूँ तुम्हारी,
क्यों तुम कृपा ना करते।
‘योगी’ ने बहुत झेले,
दुनिया के हैं थपेड़े,
‘शहनाज’ द्वारे आई,
कर कमलो को है जोड़े।
जीवन की ज्योति शंकर,
फिर से मेरी जगा दे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



