
ऐसी चर्चा चली
बैठे चार, करें विचार,
ऐसी चर्चा चली,
काज जिसने राम जी के संवारे,
करेंगें वो सबकी भली,
राम को भाई से हैं जो प्यारे,
वो हैं बजरंग बली,
सीता को हैं पुत्र से जो दुलारे,
जलाई जिसने रावण की लंका रे,
लखन के लिए लाए जो अमृत सुधा रे,
युद्ध में बजवाया जिसने राम का डंका रे,
दुष्ट अधमी पापी जिसने संघारे,
जिसके ह्रदय सिया राम पधारे,
हैं जो हम सबके प्यारे संकट मोचन हमारे,
करेंगे सबकी भली,
बजरंग बली,
हमारे बजरंग बली,
राजीव के प्यारे बजरंग बली,
हम सभी के प्यारे बजरंग बली,
जय जय बजरंग बली,
©राजीव त्यागी नजफगढ़ नई दिल्ली
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