
ओ म्हारा बाबोसा सरकार,
थासू विनती बारम्बार।
दोहा – विघ्नहरण मंगलकरण,
चूरू वाले बाबोसा रो नाम,
जो कोई बाबोसा रे धाम में आवे,
बाबोसा पूरे सगळा काम।
ॐ बाबोसा, जय जय बाबोसा,
म्हारे आँगणे पधारो जी,
बाबोसा म्हारे आँगणे पधारो जी।।
तर्ज – नीले घोड़े रा असवार।
कुमकुम कलश सजायो बाबा,
तोरण द्वार बंधायो,
फूलों री कलियाँ सु बाबा,
घर आँगण महकायो,
जगमग दीवले री है कतार,
भावा री मीठी है मनुहार,
माँ छगनी रा लाल था बिन,
सुनी कुटिया हमारी,
दर्शन ने म्हारा नैणां तरसे,
राह निहारे तुम्हारी,
राखो राखो म्हारी लाज,
म्हाने दो दर्शन थे आज,
थे ही जाणों सब रे मन री,
थाने के बतलावां,
थासू मिलण री आस है म्हाने,
दर्शन कर सुख पावा,
वैभव करे है मनुहार,
‘दिलबर’ आओ एक बार,
म्हारा बाबोसा सरकार,
लेखक / प्रेषक – दिलीप सिंह सिसोदिया दिलबर।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


