
कर्मो री रेखा टाली ना टले,
दोहा – आया है सो जावसी,
ओर राजा रंग फकीर,
कोई सिंहासन चढ चला,
कोई बांध चला जंजीर।
टाली ना टले ए लिखीयोडी ना टले,
अरे टाली न टले लिखीयोडी न टले,
ए कर्मो री रेखा टाली सावरा टाली न टले,
ए किस्मत री रेखा टाली सावरा टाली न टले।।
ए शेष पुत्र रेता सागर में,
नित उठ निवन करे,
रामजी नित उठ निवन करे,
अरे फरी मनु री अलख धणी री,
फरी मनु री अलख धणी री,
ए धरती नीची आयने मरे रे,
किस्मत री रेखा टाली सावरा टाली न टले,
ए टाली न टले लिखीयोडी न टले,
ए सीता रो हरण पिता रो मरण,
वन वन राम फिरे,
अरे फोरो दिन रावण रो आयो,
फोरो दिन रावण रो आयो,
ए पानी माते पत्थर तिरे रे,
ए मात पिता री कावड लेने,
श्रवण तिर्थ करे,
अरे मात पिता री कावड लेने,
अरे मामा दसरथ बाण होदीयो,
मामा दसरथ बाण होदीयो,
ए जल बीच आयेने मरे,
अरे आगे पीछे हस्ती झूले,
जाय सिर पर चतर फिरे,
अरे वको पडीयो राजा हरिश्चन्द्र मे,
वको पडीयो राजा हरिश्चन्द्र मे,
अरे घर घर नीर भरे,
अरे सूरज रसोडो तापता,
चन्द्रमा साज जरे,
ए सती सीता कारणे,
सती सीता कारणे,
रावण मौत मरे,
अरे गरब निवारण रामजी,
भई किन से गरब करे,
अरे गरब करे रामजी,
जीवडा यु क्यु गरब करे,
अरे रघुवर री विनती रे,
रघुवर री विनती रे,
भवतज भगवान मिले,
गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
