
कालूगढ़ में आप बिराजो,
साचो है दरबार,
थारी होवे जय जयकार,
काली माता की जयकार,
दीन दुखी रा कारज सारो,
परचा अपरम्पार,
सारस ऋषि ने परचो दीनो,
दीनो आप पुकार,
घायल सांडनी धरती नापी,
जाने सब संसार,
काली माता इन कलयुग में,
आप बडी दातार,
अरे भगता रे माते किरपा राखो,
भगता माते किरपा राखो,
भर देवो भण्डार,
रक्त बीज ने मारन वाली,
शक्ति रो अवतार,
तीनो लोक मनावे थारी,
लीला अपरम्पार,
पेमाराम भादु ने मैया,
परचा आप दिखाया माँ,
परचा आप दिखाया,
मन बुद्धि ने ठीक कियो माँ,
मन बुद्धि ने ठीक कियो,
थारे चरना शिश निवाय,
दास अशोक सुनावे म्हारी,
नाव पडी मजधार,
किरपा करदो काली माता,
भवसु करदो पार,
थारी बोला जय जयकार,
गायक – महेंद्र सिंह जी राठौर।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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