
किरपा तेरी श्यामा किरपा तेरी,
किरपा से तेरी चलती दुनिया मेरी,
किरपा से तेरी मैंने नर तन ये पाया,
जो कुछ भी हु मैं तेरी किरपा ने बनाया,
कर्म किरपा का तेरा मेहनत मेरी
अटका था तूने मुझे राह दिखाई,
किरपा का करके साया की परछाई,
किरपा लुटाने में ना देरी करि,
मांग मेरी ना कोई किरपा को ही चाहु,
तेरी किरपा से हर पल किरपा को सरहाउ,
किरपा जताये ही दिन बाह पकड़ी,
किरपा जो न होती मुझपर टूट गया था,
मुकदर गोपाली का फुट गया था,
पागल किरपा करके किरपा करि,
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