
किशोरी प्यारी राधा
किशोरी प्यारी राधा
ओ श्यामा प्यारी राधा
काटो मेरे सारे भाव बाधा
सब द्वारन को छोड़ कर आया तेरे द्वार
अहो भानु की लाडली मेरी ओर निहार
राधा मेरी स्वामिनी मैं राधा को दास
कृपा करहुँ मोहे दीजियो
श्री चरणो में वास
मैं तो मांगू नही और कुछ ज्यादा
मेरी राधे की सुरतिया मन भाय गयो रे
मन भाय गयो रे मन लुभाय गयो रे
तेरे चरणो में चित लागा
रा अक्षर को सुनत ही मोहन होत विभोर
बसे निरंतर नाम सो राधा नित मन मोर
श्री राधा रानी के चरण बंदौ बारम्बार
जिनके कृपा कटाक्ष से रीझे नन्द कुमार
श्याम बिन श्याम बिन आधा
राधा मेरी लाडली मेरी ओर तू देख
मैं तोहे राखु नयनन में काजल की सीरेख
और कोई समझे जो समझे हमको इतनी समझ भली
ठाकुर नन्द किशोर हमारे ठकुराइन वृश्भान लली
करो हमपर कृपा अगाधा
राधा राधा रटते ही भाव बाधा मिट जाए
कोटि जन्म की आपदा श्री राधे नाम से जाए
राधा तू बड़ भागिनी कौन तपस्या की
तीन लोक के नाथ हरी,सो तेरे आधीन
मैंने हरी को प्रीत में बाँधा
संपर्क - +919830608619
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