
क्या लेकर के आऊं मैं तेरे पास रे,
मुझे तुझसे मिली है ये उधार सांस रे।।
तर्ज – यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार।
दोहा – तुम मेरे गुनाहों की,
सजा क्यों नहीं देते,
गर बात गलत लिख दी,
उसे मिटा क्यों नहीं देते,
हीरा हूँ तो फिर पास,
ना रखने का सबब क्या है,
पत्थर हूँ तो रस्ते से,
हटा क्यों नहीं देते।
मेरा सब कुछ बाबा तेरे नाम रे,
मेरा सब कुछ कान्हा तेरे नाम रे,
बस मुझको बना लो प्रभु तेरा दास रे,
जब पहली दफा तेरा नाम सुना,
श्याम तू तो हारे का सहारा है,
मैं भी हार के आया हूँ दर पर तेरे,
अब तो तू कह दे हमारा है,
झूठी दुनिया के मोह में ना छोड़ना,
प्रभु मुझसे रिश्ता ना तोड़ना,
रंग ऐसा चढ़ जाए तेरे नाम का,
रंग अपने ही रंग दिलदार सांवरे,
तेरे दर पर आए हैं हम सवाली बनके,
ले लो शरण में अपनी सहाई बनके,
जैसे द्रौपद ने तुमको पुकारा प्रभु,
तुमने लाज बचाई उसकी भाई बनके,
तेरा नाम सुनकर दौड़ा आया हूँ,
तेरे चरणों में अर्जी लगाया हूँ,
तेरा दर छोड़ के ना अब जाऊं मैं,
मेरी भी है ये करुण पुकार सांवरे
विनती है ये बाबा तुमसे मेरी,
मानो या ना मानो है ये मर्जी तेरी,
अब करुण नजर को उठाओ प्रभु,
मुझ पे भी हो जाए किरपा तेरी,
तेरे दर से ना खाली हम जाएंगे,
तेरी चौखट पे हम मर जाएंगे ,
‘साईं राहुल’ ‘सनी’ करे ये पुकार रे,
बस एक बार मिलने तू आजा सांवरे,
जो भी आया है कान्हा तेरे द्वारे रे,
उसने पाया है तेरा दीदार सांवरे।।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



