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क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा तृतीय भाग

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॥ श्री ॥

क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा तृतीय भाग,

अरे सुता देख्या बल्ला भूरा ने,

रात अंधेरी माय रे,

मन में तो राजी होयगो कालू तो रे,

मन में तो राजी होयगो कालू तो रे,

अरे लेवन ने इनाम सोचीयो,

लेवन ने इनाम ने,

खबरा तो दिनी जायने बकतावर ने,

खबरा तो दिनी जायने बकतावर ने,

अरे होयो वटा सु बिर कालुका,

होयो वटा सु बिर रे,

कोई जाय बतावे बातडी बकतावर ने,

कोई बात बतावे जायने बकतावर ने ओ जी।।

अरे होय बकतावर बिर लेने,

सेना संग सवार रे,

बहरास सहन सुर गाँव री सीमा पे रे,

बहरास सहन सुर गाँव री सीमा पे,

अरे काती वालो मास वो दिन,

उगतडे प्रभात रे,

कोई विक्रम संवत 1983 ने,

कोई विक्रम संवत 1983 ने,

अरे होयो घणो घमसान दोनो मे,

होयो घणो घमसान रे,

लाग्या बलजी ओर भूरजी लडवाने रे,

लाग्या बलजी ओर भूरजी लडवाने रे ओ जी।।

अरे बलजी मे बल जोर मोरचो,

लियो टिला पे जायेने,

दुनाली सु निकले गोलीयाँ दुशमन पे रे,

दुनाली सु निकले गोलीयाँ दुशमन पे रे,

अरे खेजड़ी री पेड़ भूरसिंह,

दीनो सापों टाक रे,

छाती सु छलनी कर रयो दुशमन री ओ,

छाती सु छलनी कर रयो दुशमन री ओ,

अरे सिंह सी करे दहाड़ भूरजी,

आँखीया मे अंगार रे,

वैर्या रो करे खातमो रण माई रे,

वैर्या रो करे खातमो रण माई रे ओ जी।।

अरे गोली रो धमीड उड्यो जद,

लागी गाबड मायने,

मुर्छित हो बलजी पड गया धोरा मे ओ,

मुर्छित हो बलजी पड गया धोरां मे ओ,

अरे ले आ तू तो जाय गणेशा,

कारतुस बंदूक रे,

दादा भाई रो बदलो लेनो वैर्या सु.

दादा भाई रो बदलो लेनो वैर्या सु,

अरे सरक पेट सु जाय गणेशो,

सरक पेट सु जाय रे,

बंदूक लेवन चालीयो बलजी की रे,

बंदूक लेवन चालीयो बलजी की ओ जी।।

अरे लागी गोली आय गणेश रे,

अंधारो आँखीया छायगो गणेशा रे,

अंधारो आँखीया छायगो गणेशा रे,

अरे कर हिम्मत ने रिश गणेशो,

कर हिम्मत ने रिश,

जा लिनी दुनाली कारतुस,

दी भूरसिंह ने ओ,

जा लिनी दुनाली कारतुस,

दी भूरसिंह ने ओ,

अरे स्वामी सेवक साथ सदा ही,

स्वामी सेवक साथ,

तज दिया गणेशा प्राण ने सेवा में ओ,

तज दिया गणेशा प्राण ने सेवा में ओ जी।।

अरे आयी भूरा ने रिश जोर की,

वैर्या सु झुंजे एकलो धोरां मे रे,

वैर्या सु झुंजे एकलो धोरां मे रे,

अरे मरनो एकन बार जगत में,

मरनो एकन बार रे,

शूरा कद डरे मौत सु रण माई रे,

शूरा कद डरे मौत सु रण माई रे,

अरे दोय दोय मारे साथ भूरजी,

दोय दोय मारे साथ रे,

धड पडे धरा के ऊपरे सेना का रे,

धड पडे धरा के ऊपरे सेना का रे ओ जी।।

अरे निट गयो रे बारूद बंदूक मे,

हाथे नही आणो जीवतो वैर्या ने रे,

हाथे नही आणो जीवतो वैर्या ने रे,

अरे राख दुनाली नोक सीच पर,

राख दुनाली नोक रे,

कोई कर्यो धमीडो जोर रो हाथा सु रे,

कोई कर्यो धमीडो जोर रो हाथा सु रे,

अरे सिंगत जाय प्राण धोरां मे,

आयो नही हाथ रे,

बारोटो बनीयो जीवतो वैर्या के रे,

कोई हाथा नी आयो जीवतो वैर्या के रे ओ जी।।

अरे अमर होग्या वीर जगत में,

बलजी भूरजी सिंह ओ,

शेखावत क्षत्रिय राजपुताना माई ओ,

शेखावत क्षत्रिय राजपुताना माई रे,

अरे छतरिया गाँव पाटोदा,

पुजाया जग में भोमिया दोनो भाई ओ,

पुजाया जग में भोमिया दोनो भाई ओ,

अरे रखी धर्म री लाज दोनो भाई,

रखी धर्म री लाज,

शेखावत बलजी भूरजी जुगडा मे ओ,

शेखावत बलजी भूरजी जुगडा मे ओ,

अरे होया क्रांतिवीर मर्दीया,

होया क्रांतिवीर रे,

शेखावत बलजी भूरजी जुगडा मे ओ,

शेखावत बलजी भूरजी जुगडा मे रे ओ जी।।

गायक – प्रकाश माली जी।

प्रेषक – मनीष सीरवी।

(रायपुर जिला पाली राजस्थान)

9640557818

॥ जय हो ॥

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा तृतीय भाग is a aarti dedicated to Ganesh Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा तृतीय भाग,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari). Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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