
खाटू वालो श्याम धणी भगता संग नाचे रे
थारे झाँझ नगाड़ा बाजे रे,
खाटू वालो श्याम धनी,
भगता संग नाचे रे ।।टेर।।
पीत वसन पीतांबर धारी,
गल बैजन्ती माला,
काना माही कुंडल चमके,
नैन लगे मतवाला,
बाबो लीले चढ़कर आवे रे,
खाटू वालों श्याम धणी,
फागुन सुदी ग्यारस को मेलो,
भीड़ लगे है भारी,
भक्ता के संग होली खेले,
बाबो बारी बारी,
बाबो भक्ता से बतलावे रे,
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे,
मन इच्छा फल पावे,
भीड़ पड़े भक्ता के ऊपर,
लीले चढ़कर आवे,
बाबो मोरछड़ी घुमावे रे,
‘बाबूलाल’ खाटू को वासी,
चरणा शीश नवावे,
थारो आसरो छोड़ के बाबा,
और कठे ना जावे,
‘श्रुति’ नाच नाच के रिझावे रे
प्रश्न 3. खाटू श्याम जी कौन हैं?
खाटू श्याम जी को महाभारत के वीर बर्बरीक का अवतार माना जाता है।
प्रश्न 4. यह भजन किस भाषा में उपलब्ध है?
यह भजन हिंदी में उपलब्ध है और इंग्लिश लिपि
) में भी पढ़ा जा सकता है।
प्रश्न 5. यह भजन भक्तों में इतना लोकप्रिय क्यों है?
इसकी मधुर धुन और भक्ति भावना के कारण इसे सत्संग और धार्मिक कार्यक्रमों में गाया जाता है।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

