
खुशहाल करती मालो माल करती,
शेरावाली अपने भक्तों को निहाल करती,
अम्बे रानी वरदानी बैठी खोल के भंडारे,
झोली ले गया भरा के आया चलके जो द्वारे,
नहीं टाल करती तत्काल करती,
हर दुख जाए टल हर मुश्किल को हल,
झोपड़ी से हो महल नहीं लागे एक पल,
मां कमाल करती बेमिसाल करती,
मां के नाम वाला अमृत जो पी ले एक बार,
होगा बाल ना बांका चाहे बैरी हो संसार,
रक्षा आप सरल बन ढाल करती,
लक्खा लाखों के बदल डाले लिखे मां ने लेख,
टाटा नगर वाले शर्मा की ओर भी तो देख,
ना संभाल करती ना ख्याल करती,
कुमार सुनील फोक सिंगर
हिसार हरियाणा भारत
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