
गोवर्धन की परिकर्मा
गोवर्धन की परिकर्मा देवे भोले विष्णु ब्रह्मा,
सब देव घन भी आये गई सात कोस परिकर्मा,
ये तो भर भर भर दूध की धार चढ़ावे,
इन्दर देव सब आधी पुष्प बरसावे,
आप सभी का दिल से मैं स्वागत करता हु,
सब के अधूरे काम मैं पुरे करता हु,
दान घाटी पे आके सब ने दूध चढ़ाया,
जय हो तेरी गिरधर नारद ने वीणा भजाया,
बोले हनुमत लाल मैं गोवर्धन को जाऊ,
सब देवे परिकर्मा तो मैं कैसे रह जाऊ,
यहाँ हनुमान जी का आना गिरवर पे दूध चढ़ाना,
सब भगतो तुम भी आओ गिरवर पे दूध चढ़ाओ,
ये तो भर भर भर छप्पन भोग लगावे है,
हुई किरपा मुझपे भी गोवर्धन को मैं जाऊ,
कर परिकर्मा गिरधर की ये जीवन सफल बनाऊ,
तुम बना लो चाकर अपना अपने चरणों में रखना,
अब और कोई ना भावे गिरधर गिरधर ही रटना,
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