
घणी खम्मा मारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
माँ चितौड़ वाली,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
चितौड़ किला मे आप बिराजो,
चितौड़ किला रे माय आप बिराजो,
भगतो रा माँ कारज सारो,
अरे हंस री असवारी ए,
गहलोत वंश माँ थाने मनावे,
कुलदेवी रा हरीजश गावे,
ए माँ कुलदेवी रा हरीजश गावे,
मारे मेहर करो भवानी ए,
नमता नमता द्वारे आवे,
माँ निवता निवता द्वारे आवे,
चितौड़ किला रे माय शिश निवावे,
ए माँ चितौड़ किला रे माय शिश निवावे,
अरे शिवघर तू पटरानी ए,
ए शिवघर तू पटरानी ए,
रूप सोवनो प्यारो लागे,
अरे रूप सोवनो प्यारो लागे,
सज सिन्गार माँ वेगी आवे,
ए भगतो ने पार लगावे ए,
भगतो ने पार लगावे,
ए मारी जग धनियानी,
मावडी शरनो मे मोने राख,
टाबर शरने आया ए,
ए मावडी शरनो मे मोने राख,
ए माँ गहलोत मनावे आज,
माता वेगी आईजो ए,
माता गहलोत मनावे आज,
अरे महिमा जग में मोटी,
आज थाने सेवक मनावे रे,
अरे महिमा कलजुग मे मोटी,
थोने सेवक मनावे ए,
ए माता निजरो मे मोने राख,
टाबर शरने आया रे,
अरे मैया शंकर री अरदास,
थोरे मन्दिर सुनावे रे ए,
देवी शंकर री अरदास,
थाने गाय सुनावे रे,
ए माता बालक जोन ने आज,
माने शरने लिजो ए,
ए माता टाबर जोन ने आज,
ए माता शरनो मे मोने राख,
गायक – शंकर जी टाक।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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