
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार नी माँएँ॥
ाँ, फुल्लाँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, गल नाल ला लिया॥
ाँ, हाराँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
एस, चुनरी ने, करम, कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, सिर ते सजा लिया॥
एस, चुनरी दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सूहे, चोले ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, अंग लगा लिया॥
सूहे, चोले दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
ाँ, बिंदियाँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, मथे ते सजा लिया॥
ाँ, बिंदियाँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
ाँ, संगताँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, भवन बुला लिया॥
ाँ, संगताँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
पीले, शेर ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, सवारी बना लिया॥
एस, शेर दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
अपलोडर – अनिल राममूर्ति भोपाल
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